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Saturday, January 2, 2016

केलेन्डर कि तरह हम बदलते गये,

केलेन्डर कि तरह हम बदलते गये,
बचपन, जवानी,बुढापा में ढलते गये ।

कुछ पुराने रिश्ते को पीछे छोडते गये,
ओर नये रिश्तों से नाता जोडते गये ।

मिट्टी कि दीवार, घर को गिराते गये,
सीमेन्ट, कोक्रिट से घर को सजाते गये ।

घूल,गाँव, गोबर,खेत पीछे छुटते गये,
शहर कि सडको पे फिर दोडते गये ।

टी.वी ओर बीवी से दुनिया भुलते गये,
अपनो में ही "अपने 'को मिटाते गये ।

मतलब हो वहाँ रिश्ते बनाते गये,
ओर रिश्तों में मतलब निकालते गये ।

दिन,महीने ओर साल बदलते गये,
साथ साथ अपने हाल बदलते गये ।

'सागर " जमाने के साथ तुम बदलते गये,
कलम कि जगह अंगूठे से गजल लिखते गये ।

रोज़ कैलेंडर तारीख बदलता है और आज तारीख कैलेंडर को बदल देगी.

ऐक कहावत सुनी थी समय किसी का सगा नहीं होता है•••......
''रोज़ कैलेंडर तारीख बदलता है और आज तारीख कैलेंडर को बदल देगी.....

🌳🌳
जनवरी - फरवरी 
आपका मंगल करें श्रीहरि 🌳🌳
मार्च - अप्रैल 
धुल जाये मन की मैल 
🌳🌳
मई - जून 
मिले आपको भरपूर सुकून 
🌳🌳
जौलाई - अगस्त 
अच्छे कार्यों में रहो व्यस्त 
🌳🔔🌳🐾🌷🐾
सितम्बर - अक्टूबर 
आप छू लो उन्नति का शिखर 
🐾🌷🐾🌳🔔🌳🐾🌷🐾
नवम्बर - दिसम्बर 
खुशियां आयें आपके घर 
🐾🌷🐾🌳🔔🌳🐾🌷🐾

🌾 आप सभी को हमारी 
तरफ से नये साल की हार्दिक 
बधाई एवं शुभकामनाएं। 2016 में 
सब प्रकार से आन्नद मंगल हो। 
💐🌱💐🌱💐🌱💐🌱💐
Happy new year 
🌹2016 🌹
___________

केलेन्डर कि तरह हम बदलते गये,

केलेन्डर कि तरह हम बदलते गये,
बचपन, जवानी,बुढापा में ढलते गये ।

कुछ पुराने रिश्ते को पीछे छोडते गये,
ओर नये रिश्तों से नाता जोडते गये ।

मिट्टी कि दीवार, घर को गिराते गये,
सीमेन्ट, कोक्रिट से घर को सजाते गये ।

घूल,गाँव, गोबर,खेत पीछे छुटते गये,
शहर कि सडको पे फिर दोडते गये ।

टी.वी ओर बीवी से दुनिया भुलते गये,
अपनो में ही "अपने 'को मिटाते गये ।

मतलब हो वहाँ रिश्ते बनाते गये,
ओर रिश्तों में मतलब निकालते गये ।

दिन,महीने ओर साल बदलते गये,
साथ साथ अपने हाल बदलते गये ।

'सागर " जमाने के साथ तुम बदलते गये,
कलम कि जगह अंगूठे से गजल लिखते गये ।

Tuesday, December 22, 2015

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..

कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..

कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..

कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..

कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..

कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..

कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।