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Saturday, January 2, 2016

शब्द

"शब्द संभाले बोलिए, शब्द के हाथ न पावं!
"एक शब्द करे औषधि, एक शब्द करे घाव!
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"शब्द सम्भाले बोलियेे, शब्द खीँचते ध्यान!
"शब्द मन घायल करेँ, शब्द बढाते मान!
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"शब्द मुँह से छूट गया, शब्द न वापस आय..
"शब्द जो हो प्यार भरा, शब्द ही मन मेँ समाएँ!
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"शब्द मेँ है भाव रंग का, शब्द है मान महान!
"शब्द जीवन रुप है, शब्द ही दुनिया जहान!

"शब्द ही कटुता रोप देँ, शब्द ही बैर हटाएं!
"शब्द जोङ देँ टूटे मन, शब्द ही प्यार बढाए।।
,,,,👣👣👣,,,,,र.ठाकर,,,,,,,,,,
७ मागशिष २०७२